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धनतेरस पूजा विधि (Dhanteras Puja Vidhi)
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कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है। इस वर्ष धनतेरस का त्यौहार 21 अक्टूबर, 2014 को मनाया जाएगा। इस दिन लोग भगवान धन्वन्तरि की पूजा करते हैं और यमराज के लिए दीप देते हैं।

धनतेरस पूजा विधि (Dhanteras Puja Vidhi in Hindi) : स्कंदपुराण के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को प्रदोषकाल में घर के दरवाजे पर यमराज के लिए दीप देने से अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है। 
धनतेरस मंत्र (Dhanteras Mantra Hindi) : दीपदान के समय इस मंत्र का जाप करते रहना चाहिए:
मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात सूर्यज: प्रीयतामिति॥
इस मंत्र का अर्थ है: त्रयोदशी को दीपदान करने से मृत्यु, पाश, दण्ड, काल और लक्ष्मी के साथ सूर्यनन्दन यम प्रसन्न हों। इस मंत्र के द्वारा लक्ष्मी जी भी प्रसन्न होती हैं। 

धनतेरस के दिन खरीदारी (Shopping on Dhanteras) : कई लोग इस दिन लक्ष्मी जी और कुबेर जी की भी पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन लक्ष्मी-कुबेर जी की पूजा करने से मनुष्य को कभी धन-वैभव की कमी नही होती। इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन विशेषकर बर्तनों और गहनों आदि की खरीदारी की जाती है। 

प्रदोषकाल (Dhanteras Muhurat) : इस दिन प्रदोषकाल के समय दीपदान देना शुभ माना जाता है। दीपदान का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 41 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 15 मिनट तक है। इस दिन कुबेर भगवान और लक्ष्मी जी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 04 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 15 मिनट तक है। 

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